नैनीताल के ओल्ड लंदन हाउस में बुधवार रात करीब दस बजे लगी आग देर रात दो बजे तक भी पूरी तरह नहीं बुझ पाई थी। लपटों से घिरी जिंदगी को बचाने के लिए तीन विभागों के 40 से अधिक कर्मचारी राहत-बचाव में जुटे रहे। देर रात एक बजे करीब 90 फीसदी आग पर काबू पाया तो कर्मियों को भीतर से शांता विष्ट का शव बरामद हुआ। इससे तीन घंटे तक जारी जिंदगी बचाने की उम्मीद स्वाहा हो गई। घटना को सबसे पहले निकट में मोबाइल की दुकान चलाने वाले विनीद कुमार वर्मा ने देखा। उन्होंने घटना से कुछ समय पहले ही ओल्ड लंदन हाउस में रह रहीं प्रो. अजय रावत की बहन शांता बिष्ट (83) और उनके पुत्र निखिल को इवनिंग वॉक से घर लौटते देखा था।
विनोद ने बताया कि रात 9:54 बजे उन्हें कुछ जलने की गंध महसूस हुई। बाहर आए तो हल्का धुआं दिखा और जल्द ही आग की लपटें नजर आने लगीं। उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया। फायर ब्रिगेड ने आग पर पानी की बौछार की लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ और बाहन फिर पानी लेने चला गया।
