बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से कराए गए सुधारीकरण कार्य पहली ही बरसात की परीक्षा में फेल साबित हो रहे हैं। एक वेदर भी नहीं झेल पाए इन निर्माण कार्यों के चलते कमेड़ा और बेलाकूची जैसे संवेदनशील भूस्खलन जोन फिर से सक्रिय हो गए हैं।
कमेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से भूधंसाव की समस्या बनी हुई है। यहां करीब 120 मीटर प्रभावित हिस्से में एंकरिंग और रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया गया था। अभी निर्माण कार्य पूरा भी नहीं हुआ था कि फिर से भूधंसाव शुरू हो गया और दीवार का लगभग 15 मीटर हिस्सा धंस गया।
वहीं बेलाकूची में भी हाईवे किनारे हाल ही में बनी सुरक्षा दीवार में बड़ी दरारें उभर आई हैं। फिलहाल कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल प्रभावित हिस्सों में मिट्टी का भरान कर यातायात सुचारु रखने का प्रयास कर रही है।
एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि भूधंसाव वाले स्थलों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा तथा कारणों का अध्ययन कर स्थायी उपचार किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।

