पथरी थाना क्षेत्र के फूलगढ़ स्थित पथरेश्वर मंदिर में दो साधुओं की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने आज खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, मंदिर की गद्दी पर कब्जा जमाने की साजिश और ब्लैकमेलिंग इस दोहरे हत्याकांड की मुख्य वजह बनी।
मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया।
ये है मामला
सोमवार की रात पंकज निवासी ऐथल ने पुलिस को सूचना दी थी कि मंदिर में ठहरे दो साधुओं की हत्या हुई है। सूचना मिलते ही एसपी देहात शेखर चंद सुयाल, सीओ लक्सर देवेंद्र सिंह नेगी, एसओ रविंद्र कुमार मौके पहुंचे थे। जांच के दौरान मंदिर परिसर के पास खोदाई करने के बाद दो साधुओं के शव बरामद हुए थे। एक की पहचान सेवा गिरी (38) के रूप में हो गई थी। दूसरे की नहीं हो पाई थी। मंगलवार की दोपहर दूसरे साधु की पारस गिरी (40) के तौर पर हुई। दोनों शुक्रताल मुजफ्फरनगर यूपी के रहने वाले थे। जांच में सामने आया कि 14 जुलाई को फूलगढ़ गांव स्थित पथरेश्वर मंदिर में आयोजित भंडारे में दोनों पहुंचे थे और तभी से यहीं ठहरे हुए थे।
पुलिस की पूछताछ में पंकज ने बताया कि ऐथल के रामेश्वर मंदिर में रहने वाले उत्तम झा ने उसे जानकारी दी थी। उत्तम 18 जुलाई की रात पथरेश्वर मंदिर में ही था। रात में उसने सेवा गिरी और उत्तम गिरी को शराब पीते देखा था। 19 तारीख की सुबह गड्ढा खोदते हुए अन्य लोगों को देखा था। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी अखिल गिरी के कहने पर लक्सर के इस्माइलपुर निवासी आशु उसे वहां से सुल्तानपुर ले जाकर बस में बैठा आया था। वापस ऐथल मंदिर में आकर उसने पंकज को घटना के बारे में बताया था।