उत्तराखंड में करीब 20 हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा हैं। विशेष टीईटी से संबंधित मुख्यमंत्री के निर्देश और प्रमुख सचिव के आदेश के बाद भी विभाग की ओर से अभी कोई रास्ता नहीं निकाला जा सका है। शिक्षा सचिव ज्योति यादव के मुताबिक मामले में यूपी का विशेष टीईटी आदेश मंगा लिया गया है। जिसका परीक्षण किया जा रहा है।
हजारों शिक्षकों की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी
हालांकि इसमें करीब पांच हजार शिक्षकों की आयु 55 साल या फिर इससे अधिक है, लेकिन इन्हें पदोन्नति के लिए टीईटी करना अनिवार्य है। उत्तराखंड में शिक्षक टीईटी से मुक्त रखने या फिर यूपी की तर्ज पर विशेष टीईटी कराने की मांग कर रहे हैं। इस मामले में शिक्षकों के मुख्यमंत्री से मिलने के बाद सीएम ने प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद से हजारों शिक्षकों की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी है।शिक्षकों का कहना है कि इस प्रकरण में जब तक अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी। यूपी के विशेष टीईटी के आदेश का परीक्षण किया जा रहा है, वहां इस मामले में इलाहबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल है। इस पर क्या आदेश आता है इसे देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -ज्योति यादव, शिक्षा सचिव

